Wednesday, 9 March 2016

देखते देखत सब खेल नदागे

देखते देखत सब खेल नदागे

मन करथे फेर लइका हो जातेंव
सब लइकन संग खेले ल पातेंव 
गिल्ली डण्डा , पच गण्डा अउ  डण्डा कोलाल
फेर का पुछथस रेसटीप , नदी पहाड़ संग छु छुवाल
मन मोर तभो भरे निही नोनी संग खेल परथंव इत्तुल बित्तुल चाम चटिया गुरजी मरगे उठा खटिया
तिरिचउक , सांप सिढ़ही अउ गोटा बिनाल
परगे पारी अटकन चटकन दही चटाका 
नवा नवा सिखेन रे भइया मार पिट्ठूल कुदउला 
खेल खेल म पोसंम पा , घानी मुनि अउ लंगडी
थक हार के घर जातेन घर म दाई खेलावय लाखडी, तिवरा राहेर चना दार टारबे डोकरी राहटा ल गाड़ा आवथे 
थोकुन बड़ का होगेन रे भइया खेलेन भंवरा बांटी चिभ्भी तुकाल 
अतको म नइ त ढेलवा रहचुल , घर घुंदिया त कभु खेलन दस गोटिया , नव  गोटिया अउ बघवा घेराल 
गली गली घुम घुम के खेलेन फोटो , चक्का चलइ , त  पथरा फेकाल
सुरता आथे कका दाई के किसा डारा पतेरा त मखना तुमा 
फेर का कहंव ग कइसन जुग ह आवत हे
देखते देखत संगवारी जम्मो जिनिस ह नदावत हे 
अब के लइकन के बात निराला 
बिडियो गेम कम्पोटर यहा मोबाइल वाला
खेल नदागे गुडडी गुडडा 
आगे नवा जमाना म टेडी संग डोरेमान अउ छोटा भीम 
छोटकुन लइका के टु हु नदागे 
का य करन संगी छोटकन तन गंवागे 
देखते देखत सब खेल नदागे
मन के बात मन रहि जाथे 
काबर बड़ तन पागेन |

           सुखन जोगी 
                   डोड़की  ,बिल्हा

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