ऐब सब म हे अपन ल सुनाव
अपन ल नही त काखर ल बताव
मन हे भल त ददरिया गावव
हे भोगाय त झगरा मतावव
का गोठ ल सुनाव मे का गोठ ल बताव..१
सब कथे गुरतुर हे येकर बानी
फेर कथे दिखत हे येखरो चिनहारी
आघु म झन करहू कऊनो गोठ बात
पेट म जामे हाबे येखरो दांत
का गोठ ल सुनाव मे का गोठ ल बताव...२
छिन म मताथे येहा झगरा
हवय जी बड़ येहा लबरा
भोरहा म झन रईहू दिखत के सिधवा
का कहिथे , ताकत रहिथे बनके गिधवा
का गोठ ल सुनाव मे का गोठ ल बताव...३
कतको कथे अइसन नही
ये गोठ हर नो हे सही
हम रेंगे हन संग म
रेहे हन ओखर तिर म
का गोठ ल सुनाव मे का गोठ ल बताव...४
रेहे बर लबरा तेहा दुसर ल कहिथस
जबरन के जबरन ओखी मड़थस
कहा के गोठ ल कहा ले गे
अब चुप कर भईगे
का गोठ ल सुनाव मे का गोठ ल बताव...५
सुखन जोगी
ग्राम- डोड़की (बिल्हा)
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